जंगल में एक किसान झोपड़ी बनाकर रहता था, झोंपड़ी में कुल एक आदमी के सोने की जगह थी। वर्षा में एक आदमी ने बाहर से आवाज दी, क्या मैं भीतर आ सकता हूँ ? किसान ने कहा – आ जाइये, दोनों बैठकर रात निकाल लेंगे । थोड़ी देर बाद एक आदमी और वर्षा के डर से आकर कहने लगा-क्या मैं भीतर बैठ सकता हूँ? किसान ने कहा-आ जाइये, खडे़ होकर रात निकाल लेंगे।

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