Short Stories

जागे तो ऐसे जागे?

निरंतर भोगों में डूबे रहने वाले सुकुमाल को सोते समय मुनिराज की आवाज कानों में पड़ी – जाग, जाग रे जाग! तेरी 3 दिन की आयु शेष है इतना सुनते ही सुकुमाल इकदम नंगे पैरों पर भागकर मुनिराज के पास पहुँचा और दीक्षा लेकर मुनि बन गया। श्यालनी ने शरीर खा लिया फिर भी निर्भय। देखो रागी और वीतरागी में अंतर?

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