Short Stories

अहिंसक सिंह

मुलतान में उदयरामजी जैन की नवाब मुज्जफरखां से अच्छी घनिष्टता थी। एक बार नवाब ने एक शेर का बच्चा पकड़ लिया और उसे घर लाकर उदयरामजी से कहा – सेठ साहब, आप तो पूरे अहिंसक हैं यदि इस शेर के बच्चे को भी अहिंसक बना दो तो हम तुम्हें सच्चे जैन समझें। उदयरामजी उस बच्चे को घर ले गये और उसे दूध पिलाने लगे। धीरे-धीरे खीर खिलाने लगे। फिर तो उसे अन्नाहार का अभ्यास भी हो गया। जब शेर का बच्चा तीन वर्ष का जवान हो गया, तब उसे  नवाब के पास ले जाकर कहा – लीजिये हुजूर! आपका शेर जैन बन गया है। नवाब ने उसे मांसाहार कराना चाहा किन्तु उसने मुंह फेर लिया। यह देखकर नवाब आश्चर्य चकित रह गया

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