Short Stories

अब किसी माता को नहीं रुलाऊँगा

तीर्थंकर वर्द्धमान जब दीक्षा लेने जाने लगे तो माता त्रिषला के अनायास आँसू निकल ही आये। यह देखकर वर्द्धमान बोले -माँ, मैं प्रतिज्ञा करता हूँ अब किसी माँ को नहीं रुलाऊँगा। माता ने आँसू पोछकर सहर्ष दीक्षा की स्वीकृति दे दी ।

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