Short Stories

निर्लिप्तता

एक वैज्ञानिक ने बैंक में सत्तर हजार रुपये जमा करवाये हुए थे, जो उसके जीवन की कुल बचत थी। उस बैंक का दिवाला निकल गया।

वैज्ञानिक के एक मित्र ने यह खबर सुनी, तो सहानुभूति प्रकट करने के लिए उसके पास आया। – सचमुच बहुत बड़ा नुकसान हुआ है आपका! उसने कहा – एकाएक सत्तर हजार रुपये का नुकसान!

वैज्ञानिक मुस्कराया और उसने नर्मी से कहा – वह रकम किसी के काम आई होगी। मैं तो उसका उपयोग कर नही रहा था, बेकार ही बैंक में पड़ी थी।

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