Short Stories

उदार चरित

अपने पड़ोसी का फटा हुआ कुरता देखकर दर्जी को बुलाया और नाप देते समय उनकी तरफ इशारा कर दिया – इनके नाप की तीनों कुरते बनाना। कुरते बनकर आ गये, तो सेठ जी मित्र से कहने लगे – मुझे तो यह कुरते छोटे पड़ते हैं आप पहनकर देखना। शायद आपको ठीक आ जायें। ठीक आने पर कह दिया – आप पहन लीजिये मैं दूसरे बनवा लूँगा। ऐसे उदारचरित थी सहारनपुर के लाला जंबूप्रसाद की पारिवारिक परम्परा।

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