Short Stories

चिन्ता चिता समान

एक गरीब बुढ़िया मजदूरी करके अपना और अपने बच्चे का पालन पोषण कर रही थी।उसका लड़का निश्चिन्त खेल रहा था। इतने में राजा हाथी पर बैठकर निकला। लड़के ने हाथी की पूँछ पकड़कर उसे पीछे खींच लिया। राजा ने मुड़कर देखा तो राजा को बड़ा आश्चर्य हुआ। राजा ने बुढ़िया से कहा – तू कल अपने लड़के से कहना-घर में नमक नहीं है, नमक के पैसे कमा कर ला। बुढ़िया ने ऐसा ही किया। अगली बार राजा  फिर हाथी पर बैठकर निकला। लड़के ने फिर हाथी की पूँछ पकड़कर खींचा तो वह स्वयं खिंचता हुआ चला गया।

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