राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एक बार गुजरात के एक गाँव में भाषण दे रहे थे। भीड़ में गाँधी जी के गुरु भी थे, जिन्होंने प्राथमिक शाला मे राष्ट्रपिता को पढ़ाया था। वृद्ध गुरुजी एक कोने में खड़े गांधी जी का भाषण सुन रहे थे। भाषण समाप्त होने पर गांधी जी की दृष्टि अचानक अपने गुरुजी पर पड़ी, वे तुरन्त गुरु जी के पास पहुचे एवं चरण स्पर्श किये। उन्होंने गांधी जी के सिर एवं पीठ पर हाथ फेर कर अनेक आशीष वचन कहे। उपस्थित जनता इस अद्भुत दृश्य को देखकर आश्चर्य चकित थी कि एक महान् व्यक्ति द्वारा अपने शिक्षक का इतना सम्मान करना, यही तो उनकी महानता और नम्रता थी।

Share:

Leave a reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *