Short Stories

सच्चे हीरा-मोती

एक राजकुमारी ने हीरे मोती बेच कर एक धर्मार्थ औषधालय खुलवाया। इस औषधालय से गरीब लोगों को बहुत लाभ हुआ। राजकुमारी स्वयं भी प्रतिदिन रोगियों की सेवा-सुश्रुषा करने जाया करती थी। एक दिन जब वह रोगियों की सेवा में लगी हुई थी तो एक रोगी उसकी दया से बहुत प्रभावित हुआ और उसकी आँखें भर आयी। राजकुमारी को अपनी सेवा से बहुत संतोष हुआ। राजकुमारी ने कहा- अपने सच्चे हीरे-मोतियों को मैं आज देख सकी हूँ।

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