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ज्ञान का सदुपयोग

उनके परम मित्र स्मिथ ने कहा – इस समय विश्व में आपका ज्ञान सर्वोपरि माना जा रहा है। विश्व का सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक आइन्सटीन अफसोस के स्वर में कहता है – मैंने सब कुछ जाना, किन्तु जो जानने वाला है (आत्मा) उसे नहीं जाना। यदि इस प्रकार का जीवन वापस मिला तो  मैं सर्वप्रथम उसे जानने की कोशिश करूँगा, जो शेष रह गया है। इसी आत्म-जिज्ञासा से शान्ति की यात्रा प्रारंभ होती है।

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