Short Stories

अपने बिन सब सूना

सीता रावण के यहाँ कैद थी। उसे राजमहिषी (पट्टरानी) बनाने का प्रलोभन दिया जा रहा था। मिष्ठान, भोजन और अनेक दासियाँ उसकी सेवा में थी लेकिन शीलवती सीता की दृष्टि के समक्ष एक मात्र राम ही दिख रहे थे और वहाँ सब कुछ होते हुए भी सूना लग रहा था। जैसे धर्मात्मा को आत्मा के सिवाय सब सूना लगता है।

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