अमेरिका का धनकुबेर डी. राकफेलर जितना बड़ा धनी था, उतना ही उसका जीवन विविध आशंकाओं  से घिरा हुआ था। चिन्ता सांपनी के डसने से वह पचास साल की उम्र में ही इतना जर्जर हो गया था कि बिस्तर से उठना भी उसके लिए कठिन हो गया था। डॉक्टर ने कहा-यदि आप चिन्ता से मुक्त नहीं होंगे तों किसी भी समय आपके ह्रदय की गति बन्द हो सकती है। राकफेलर के जीवन में सहसा नया मोड़ आ गया, उसने धन संग्रह की चिन्ता को छोड़कर अपने हाथ से गरीबों को, विद्यार्थियों  को, विद्वानों को दान देना प्रारम्भ कर दिया। उसके जीवन में चिन्ताएँ कम हो गई, वह सदा प्रसन्न रहने लगा। पचास करोड़ डालर का स्वामी होने पर भी चैन नहीं मिला, वह दान करने से मिलने लगा। राकफेलर पूर्ण स्वस्थ ही नहीं हुआ अपितु ७३ साल तक उदारता पूर्वक दान देता हुआ आनन्द पूर्वक जिया।

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