Short Stories

संसार की विचित्रता

जिस सीता को पाने के लिए साधन विहीन होते हुए भी राम ने जंगल मे साधन जुटाकर उस त्रिखण्डी चक्रवर्ती अजेय रावण से युद्ध करके उसे नष्ट कर सीता को प्राप्त किया, उसी प्राण प्यारी सीता को लोकापवाद के भय से भयानक जंगल में छुड़वा दिया।

तथा सुकोशल की माता ने पुत्र के मुनि बन जाने से जिस पुत्र के वियाग में दुःखी होकर प्राण छोड़े थे, उसी पु़त्र को अगले भव में सिहंनी बनकर के खाया। यह है संसार में नाते-रिश्ते की दशा।

Share:

Leave a reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *