Short Stories

जहां अपनापन वहीं समर्पण

एक करोड़पति सेठ का लड़का शराबी बन गया। उनके पड़ोसी का लड़का सदाचारी और सज्जन स्वभाव का था। सेठ अपने लड़के के सामने पड़ौसी के लड़के की बहुत प्रशंसा किया करता था। पड़ौसी गरीब के लड़के की पढ़ाई में सहायता भी दिया करता था। किन्तु संपत्ति का मालिक अपने दुराचारी पुत्र को ही बनाया था, क्योंकि जहां अपनापन होता है, समर्पण वहीं होता है।

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