Short Stories

मारने का अधिकार नहीं

शान्ति-निकेतन मे एक कुत्ता सख्त बीमार था। कष्ट अधिक था, उसे छटपटाते देख कर एक प्रोफेसर ने कहा, ’गुरुदेव! इसका कष्ट तो देखा नहीं जाता, इसे तो गोली मार देना चाहिए, जिस से यह इस कष्ट से छूट जाए।’

रवीन्द्रनाथ टैगोर ने कहा- ‘भाई! यदि इस कुत्ते की जगह हमारे या तुम्हारे कुटुम्ब का कोई आदमी बीमार हो और वह इसी तरह तड़प रहा हो तो क्या उसे गोली मार कर ही दुख से छुड़ाओगे? ‘ यह सुनकर प्रोफेसर अवाक् रह गया।

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