Short Stories

अहिंसा की शक्ति

पठान नेता खान साहब गांधी जी को शिक्षा  देना चाहते थे। उनका कहना था कि अंग्रेजों की महाशक्ति कहीं अहिंसा से जाएगी? गांधी जी गलत रास्ता दिखा रहे हैं, मैं उन्हें सबक सिखाऊँगा। वे एक छूरी की धार तेज करने बैठ गए। लोगो ने पूछा खान साहब, ये क्या कर रहे है? उन्होंने कहा गांधी जी की नाक का थोड़ा सा आगे का हिस्सा काटूँगा। वे अहिंसा, अहिंसा की क्या बात करते हैं, और खान साहब गाँधी जी के सामने थे। बापू ने मुस्कराकर पूछा कैसे आए? आप बहुत अहिंसा की बात करते हो, मैं आपकी नाक काटने आया हूँ – पठान नेता का उत्तर था

बस! इससे क्या होगा – गांधी जी का निश्छल हास्य से पूर्णं उत्तर था – गला काट दो तभी कुछ फायदा होगा। चकित खान अब्दुल गफ्फर खां नतमस्तक हो गए,  छुरी हाथ से गिर गई और अहिंसा भीतर तक प्राणों में प्रतिष्ठित हो गई। वे सीमान्त गांधी बन गए।

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