Short Stories

शान्ति का आधार

गृहस्थी में पति पत्नी की कभी एक समय भी नहीं बनती थी। रात दिन लड़ाई झगड़े से उन दोनों का जीवन नरक बना हुआ था। पति पत्नी रात दिन बड़े दुखी रहते। एक दिन उस स्त्री ने अपनी बूढ़ी पड़ौसिन से अपनी दुख भरी कहानी सुनाई। पड़ौसिन ने एक बोतल में दवा देते हुए कहा – जब तुम्हारा पति लड़ने को तैयार हो, तब तुम इस दवा को मुंह में भरकर बैठ जाना। उसने ऐसा ही किया। जब पति को कुछ उत्तर नहीं मिलता तो बिचारा किससे लड़े? झगड़ा बन्द हो गया। उस स्त्री ने पड़ौसिन का बड़ा अहसान माना। तब पड़ौसिन ने समझाया-बेटी! उसमें तो नमक और पानी भरा था, कोई दवा थोड़े ही थी! मतलब तो यह था कि जब तुम चुप रहोगी तो लड़ाई कैसे हो सकती है?

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