एक बालक ने अपनी माँ से पूछा – “माँ, बबूल का पेड़ बिना देख-रेख के बढ़ जाता है। गुलाब के पेड़ की पिताजी कितनी देख -रेख करते है,  यह क्या बात है” ?

माँ ने कहा-बेटा, “अच्छी वस्तु पुरुषार्थ से मिलती है, खोटी वस्तु पग पग पर मिल जायेगी। यही इनका मापदण्ड हैं”।

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