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निश्चय और व्यवहार

जिज्ञासु -गुरुदेव, निश्चय और व्यवहार क्या वस्तु है मुझे स्पष्ट समझा दीजिये? आचार्य श्री -पहले यह बताइये कि यह घड़ा क्या है? जिज्ञासु- महाराजश्री, यह पानी का घड़ा हैं आचार्य मिट्टी के घड़े को पानी से संसर्ग से पानी का घड़ा कहना व्यवहार है और मिट्टी का कहना निश्चय है। इसीलिए व्यवहार असत्य और निश्चय सत्य है। क्योंकि घड़ा मिट्टी का ही है। पानी का नहीं, समझे।

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