Short Stories

क्या आवश्यकता

ग्रीस के महान् सन्त डायोजनीस ने एक नदी पर एक गरीब नग्न बच्चे को हाथ में लेकर रोटी खाते हुए, व हाथ की चुल्लु से पानी पीते हुए देखा तो उन्होंने सोचा कि जब एक बालक के बिना लोटे और बिना थाली के काम चल सकता है, तब पुझें इस लोटे और कपड़े की बला अपने साथ रखने की क्या आवश्यकता है? यह सोचकर उन्होंने अपना कपड़ा और लोटे का परिग्रह वहीं छोड़ कर जंगल का रास्ता लिया। वे निरन्तर बालक की तरह निश्छल और दिग्मबर रहा करते थे।

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