कनफ्यूशियस अपने कुछ शिष्यों सहित नाई नामक पहाड़ी के पास से गुजर रहे थे कि उन्हें कुछ दूरी पर किसी के रोने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने निकट जाकर देखा कि एक औरत एक कब्र के पास विलाप कर रही है। रोने का कारण पूछने पर उसने बताया- इसी पहाड़ी पर एक चीते ने मेरे ससुर को फाड़ डाला था। कुछ दिन बाद मेरे पति को भी इसी स्थान पर चीते ने खा लिया, और अब मेरे बेटे के साथ भी यही घटना घटी है। कनफ्यूशियस ने कहा – तुम इस मनहूस जगह को छोड़ कर किसी दूसरी जगह क्यों नहीं चली जाती? स्त्री ने उत्तर दिया – इस स्थान पर किसी अत्याचारी का शासन नहीं है। कनफ्यूशियस यह सुनकर चकित रह गये। उन्होंने अपने शिष्य से कहा-हमेशा याद रखो। अत्याचारी शासक चीते से भी अधिक भयंकर होता है।

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