Short Stories

कोल्हु का बैल

एक व्यक्ति ने पूछा – कोल्हु के बैल की आँख पर पट्टी क्यों बाँधी जाती है? उसे उत्तर दिया – वह गोल चक्कर घूमकर भी यह देख और समझ नही पाता कि मैं गोल चक्कर में घूम रहा हूँ। अन्यथा वह गश खाकर गिर पड़े। वह जानता है मैं आगे बढ़ता जा रहा हूँ। इससे उसे चक्कर नहीं आता है।

ऐसे ही अज्ञानी जीव की दृष्टि पर अज्ञान की पट्टी बंधी रहती है। जिससे वह उच्च गतियों में जाकर यह मानता है कि मैं तरक्की कर रहा हूँ। यदि वह अज्ञान की पट्टी हटा दी जावे तो वह दुःखरूप चार गतियों के चक्कर से भयभीत होकर पंचमगति को प्राप्त कर लेगा।

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