Short Stories

निर्दयता से दया श्रेष्ठ

महात्मा बुद्ध के जीवन की झलक में पढ़ा था कि एक राजकुमार ने पक्षी का शिकार करके तीर से उसे घायल कर दिया, पक्षी फड़फड़ाकर नीचे गिरा, जहाँ राजकुमार अवस्था में महात्मा बुद्ध ने उसे अपनी गोद में जगह दी। तभी शिकारी राजकुमार वहाँ आया और अपना शिकार मांगने लगा, शिकार न मिलने पर बात राजा तक पहुँची राजा ने न्याय दिया कि पक्षी बुद्ध के पास ही रहेगा क्योंकि बचाने वाले का दर्जा मारने वाले से सदैव ऊँचा रहेगा।

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