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धर्म कार्य में विघ्न डालना महापाप है

रावण शांतिनाथ मंदिर में बैठकर विद्याएँ सिद्ध कर रहा था। यह सुनकर हनुमान ने राम से कहा-यदि रावण को बहुत विद्या सिद्ध हो गई तो सीता का मिलना असंभव हो जायगा? अतः उसमें विघ्न डालना चाहिए। राम ने उत्तर दिया-भले ही सीता का मिलना असंभव हो जाय किन्तु मैं किसी के अच्छे कार्य में या धर्म कार्य में विघ्न नहीं करुँगा। किसी के शुभ कार्य में विघ्न डालना पाप है।

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