Short Stories

करुणा मानवता का चिन्ह है

जब जर्मनी के सम्राट फ्रेडरिक के बुलाने पर भी नौकर नहीं आया तो वे नौकर के कमरे में चले गये। देखा तो वह सो रहा था। उसकी जेब में से एक पत्र बाहर निकल रहा था, सम्राट ने उसे पड़ा तो उसमें नौकर की माँ ने अपनी गरीबी की दुर्दशा का हाल लिखा था। सम्राट ने पत्र के साथ लंबी रकम रखकर एक चिट में लिख दिया-ये रुपये माँ को भेज देना।

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