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सबसे सुन्दर ज्ञान

गुरुकुल को स्नातकों की मनोवैज्ञानिक परीक्षा करने के लिये गुरू ने शिष्यों से कहा- प्रत्येक छात्र अर्धमुहुर्त तक इस पहाड़ की तरफ देखता रहे और वहाँ पर जिसको जो सुन्दर वस्तु दिखे वह मुझे बताना। सबने उस ओर देखा। समय पूर्ण होने पर किसी ने पत्थर, किसी ने कोई पेड़, किसी ने बल्लरियों आदि की सुन्दरता का वर्णन किया। अंत में एक छात्र ने बताया कि मुझे तो सबसे सुन्दर अपना ज्ञान ही दिखा जो सबको जान सकता है। यदि ज्ञान न हो तो इन सबकी क्या कीमत?

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