Short Stories

बुराई का उत्तर भलाई से

महात्मा गांधी रेलवे के तीसरी क्लास के डिब्बे में बैठकर किसी जलसे में नगर को जा रहे थे। एक तम्बाकु के शौकीन महाशय महात्मा गांधी जी के सामने थूक दिया करते। गांधी जी उसे कागज से साफ कर दिया करते। स्टेशन पर महात्मा गांधी जी की जयकार से आकाश गूंज उठा। यह देख तम्बाकु थूकने वाले सज्जन पानी-पानी होकर क्षमा माँगने लगे।

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