Short Stories

कल्याण किसका

भगवान महावीर तपस्या कर रहे थे। सौधर्म इन्द्र ने सोचा-भगवान विश्व को पाप और दुःख से छुड़ा कर धर्म प्रचार करने के लिए तपस्या कर रहे हैं। जिस तपस्या में उन्हें महान कष्टों का सामना करना पड़ेगा।

तब इन्द्र ने विनत होकर कहा – “प्रभु!आप क्यों इतना कष्ट उठा रहे हैं? मैं शक्ति और कौतुहल के द्वारा विश्वभर में धर्म का डंका बजा दूंगा।”

जब भगवान की ओर से कोई उत्तर न मिला तो द्वादशांगपाठी इन्द्र को स्वयं अपनी अन्तरात्मा से उत्तर मिला-अरे भोले प्राणी! भगवान दुनिया के कल्याण की चिन्ता के लिए तप नहीं कर रहे हैं। वे अपने कल्याण के लिए यह निवृत्तिमार्ग अपना रहे हैं। जब उनका ज्ञान-सूर्य चमक उठेगा तो दूसरे व्यक्ति भी उसके प्रकाश में अपने को देख सकेंगे। वह चरणों में गिर पड़ा।

Share:

Leave a reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *