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दुख दूर करने का मंत्र

मिश्र के प्रसिद्ध सन्त मकारियों से उनके एक शिष्य ने पूछा – गुरुदेव! मुझे कभी दुख न हो ऐसा मंत्र बतलाइये।

संत ने कहा – तुम सूर्य से कहो कि मलमूत्र जैसी गंदी चीजों पर रोशनी मत डालो और यदि वह न माने तो उसे खूब खरी खोटी गालियां सुनाना।

शिष्य ने ऐसा ही किया। किन्तु सूर्य रुष्ट नहीं हुआ। गुरु ने कहा, अब उसकी खूब प्रशंसा करना, शिष्य की प्रशंसा से सूर्य खुश नहीं हुआ।

संत ने कहा- सूर्य की तरह तुम भी सब कुछ जानते रहे तो सुखी हो जाओगे। आत्मा का स्वभाव मात्र जानना है।

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