Short Stories

आगे किसको करें ?

जो आत्मधर्म रूपी सूर्य को सन्मुख रखकर चलता है। छायारूप लक्ष्मी उसके पीछे पीछे चलती है। तथा जो छायारूप लक्ष्मी को आगे करके तथा धर्मरूपी सूर्य को पीठ करके चलता है, उससे छाया चार हाथ आगे चलती है, जब वह उसे पकड़ने जाता है, तो वह और भी आगे भाग जाती है। कभी पकड़ मे नहीं आती।

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