Short Stories

उस क्षण को टाल सकेगा क्या ?

राम, रावण युद्ध हो रहा था, रावण ने अपने विद्याओं के बल से 21 खण्ड का एक रथ बनाया। जिसमें एक हजार हाथी जुडे़ थे। रावण को बहुरुपिणी विद्या सिद्ध हो जाने से वह अपने असंख्य रूप बना लेता था। एक सिर कटने पर दूसरा सिर तैयार हो जाता था। किन्तु जिस क्षण मृत्यु का समय आया, तब वह बहुरूपिणी विद्या भी छोड़कर भाग गई और “एक लाख पूत सवा लाख नाती। ता रावण घर दिया न बाती।” की स्थिति प्राप्त हो गई ।

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