Short Stories

अंधी दौलत

एक बार तैमूरलंग ने दिल्ली पर आक्रमण करके उसकी जीत की खुशी में उसने बहुत बड़ी दावत कराई और उसने बहुत से व्यक्ति उसमें बुलाये तथा नृत्य का कार्यक्रम भी कराया। जब नृत्य का कार्यक्रम शुरू हुआ तो उसमें एक नर्तकी थी जिसका नाम दौलत था तथा वह अन्धी थी।  तैमूर ने उस नर्तकी से पूछा, “तेरा नाम दौलत है परन्तु तू अन्धी क्यों हैं?” यह सुनकर वह नर्तकी बोली “दौलत तो अन्धी ही होती है अगर दौलत अन्धी न होती तो वह तैमूर लंग (लंगड़ा तैमूर) के पास कैसे आती।” यह सुनकर तैमूर बहुत लज्जित हुआ।

Share:

Leave a reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *