Short Stories

भगवान के साक्षात् दर्शन

श्रीमद् राजचन्द्र से एक वैष्णव विद्वान ने पूछा कि हमारे धु्रव ने तपस्या की तो भगवान ने स्वयं उपस्थित होकर दर्शन देकर वरदान दिया। आपके यहाँ भगवान दर्शन देते नहीं फिर उनकी आराधना से क्या लाभ है?

राजचन्द्र ने कहा- आराधना करने से हमारे अन्दर बैठा भगवान बराबर दर्शन देता है और जिसको अपने भगवान का दर्शन हो जाता है, उसे अल्पकाल में ही स्वयं भगवान बन जाने का सबसे बड़ा वरदान भी मिल जाता है।

Share:

Leave a reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *