Short Stories

उपयोग बदलने पर

श्री पंडित टोडरमल जी गोम्मटसार की टीकायें लिख रहे थे, उसी समय उन्हें कोई बीमारी थी, अतः किसी ने उनकी माँ को सलाह दी कि पंडित जी को नमक न दिया जाय, नहीं तो बीमारी बढ़ जाने की आशंका है। अब माता जी ने उनके भोजन में नमक डालना बन्द कर दिया। पर पंडित जी को कुछ पता नहीं चला। छः माह बाद ग्रंथ की टीका समाप्त हो चुकी तो पंडित जी ने भोजन के समय कहा- माता जी आज आपने भोजन मे नमक नहीं डाला? माता जी ने कहा बेटा! मैं तो छह माह से तेरे भोजन में नमक नहीं डालती हू, तुझे आज पता चला है? उत्तर मिला-उन दिनों तो मेरा ध्यान ही कहीं दूसरी जगह ही रहता था।

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