Short Stories

सार्थक जीवन

महाराज छत्रसाल भेष बदलकर अपने राज्य की जनता की सुख दुख की जानकारी के लिए रात्रि को घूमते रहते थे। एक दिन एक वृद्ध किसान मिला! जिसमें नवजवानों जैसी चुस्ती थी किन्तु बाल पक गए थे, शरीर में झुरियाँ पड़ गई थी।

राजा ने उससे पूछा- “महानुभाव, आपकी आयु कितनी होगी”? वृद्ध ने उत्तर दिया-“कुल चार वर्ष की”। राजा ने सोचा यह हँसी में कह रहा है। तब राजा ने फिर कहा-“महोदय!आपकी आयु तो 80 से कम नहीं होगी किन्तु आप 4 वर्ष की बतलाकर मुझ से मखौल कर रहे हैं क्या”?

उस वृद्ध ने कहा- “श्रीमान् जी! चार वर्ष से ही मैंने विवेक और धर्म सम्भाला है वही मेरा सच्चा जीवन है। बाकी का जीवन तो पशु जीवन ही रहा”।

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