Daily Archives: September 25, 2015

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संसारी की दशा

चन्द्रप्रभु तीर्थंकर अपने पूर्वभव में एक राजकुमार थे। एक दिन उन्होंने देखा कि सामने तालाब में कमल को ...
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पेशा से वकील-जीवन से साधु

एक व्यक्ति अपनी अकेली विधवा चाची की सम्पत्ति हड़पना चाहता था। वह कई वकीलों के पास गया किन्तु ...
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ज्ञान का सदुपयोग

उनके परम मित्र स्मिथ ने कहा – इस समय विश्व में आपका ज्ञान सर्वोपरि माना जा रहा है। ...
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शरीर की परख करने वाले चमार हैं!

अष्टाव्रक का शरीर गर्दन से लेकर पांव तक आठ जगह टेढ़ा था। एक बार वे जनक जी की ...
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अहिंसक सिंह

मुलतान में उदयरामजी जैन की नवाब मुज्जफरखां से अच्छी घनिष्टता थी। एक बार नवाब ने एक शेर का ...
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कल दूंगा

महाराज युधिष्ठिर के पास किसी याचक ने आकर कुछ मांगा। युधिष्ठिर को वह मनुष्य अच्छा दिखलाई पड़ा, अतएव ...
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मानव जन्म कब से ?

एक विवेकी विरागी बालक छोटीसी आयु में महाव्रत लेकर मुनि बन गया था। एक दिन वे आहार के ...
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प्रायश्चित

सागर (म. प्र.) में उनको आवश्यकता थी ईंधन की। तभी देखा एक दुबला-पतला बूढ़ा आदमी लकड़ी भरी बैलगाड़ी ...
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मुझे इनकी माँ को निपूती नहीं बनाना है!

द्रौपदी के पाँचो पुत्रों की लाशें पड़ी थीं उसके आगे। माँ के सभी पुत्र मर जायें- इससे बढ़कर उसके ...
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आज से मैं ही तेरा बेटा।

बड़े-बड़े नेत्र, चौड़ा ललाट, विशाल भुजाएँ, चौड़ी छाती। सुन्दर-सुगठित शरीर। ऐसे थे महाराज छत्रसाल। प्रजा का हाल-चाल लेने ...