Daily Archives: March 2, 2014

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आत्म विज्ञान और सुख

एक व्यक्ति ने अल्बर्ट आइन्स्टाइन से कहा – “आखिर यह क्या बात है कि विज्ञान ने हमें शारीरिक ...
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अज्ञान अन्धेरे में ही अनर्थ होते हैं

आज वह नाविक सूर्य निकलने के पूर्व ही अपनी नाव को पास नदी किनारे पहुँच गया। अन्धेरे में ...
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कल्पनातीत शांति

महाकवि एवं अपने युग के सर्वश्रेष्ठ विचारक रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने यह महसूस किया था एक दिन उन्होंने नदी ...
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जानने वाले सब जानते हैं!

एक शूकर ने आकर सिंह से कहा- सिंह! तुम मेरे साथ युद्ध करो। सिंह ने कहा – तेरी ...
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विरोधी की सहायता

बम्बई के सुप्रसिद्ध समाज सुधारक मामा परामनंद लम्बे अर्से से बीमार चल रहे थे। उन दिनों बड़ौदा नरेष ...
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घर का मामला

रफ़ी अहमद किदवई के एक मित्र की पुत्री का विवाह था। उनसे राजनैतिक विरोध के कारण बोलचाल तक ...
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निर्दयता से दया श्रेष्ठ

महात्मा बुद्ध के जीवन की झलक में पढ़ा था कि एक राजकुमार ने पक्षी का शिकार करके तीर ...
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ज्ञान नहीं है!

जब सुकरात जेल मे विष का प्याला पीकर मरने को ही थे, एक शिष्यों ने पूछा – ’प्रभो, ...
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दिवा स्वप्न में भूला प्राणी

एक रात्रि को महाराज जनक ने स्वप्न में देखा कि किसी राजा ने उनके ऊपर आक्रमण कर दिया ...
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एक युग था

1 एक युग था कि शुभ्र केश (सफेद बाल), पीले पत्ते, मेघों का सृजन और ध्वंस तथा शव ...