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Jainism

अध्यात्म – एक रहस्यमय विज्ञान

सदा से ही मानव मन अति जिज्ञासु है। प्रकृति के रहस्यों के प्रति उसकी जिज्ञासा तो कमाल की ही है ...
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आध्यात्मिकता

आध्यात्मिकता क्या है? आज के चरम भौतिकवादी युग में जहां व्यक्ति भौतिक इन्द्रिय सुखों की सामग्री के संकलन हेतु अहर्निश ...
Jainism

Story of Raksha Bandhan

Once in ancient time a King named ‘Shridharma’ was ruling in the city of ‘Ujjain’. He had four Brahmin secretaries ...
Jain Teerth

Do’s and Don’ts During Pilgrimage

Now a day due to availability of fast traveling and communication facilities traveling up to far distance places and Teerth ...
Jain Teerth

Bhagwan Mahaveer (The 24th Teerthankar)

(At the auspicious occasion of Deepavali – the day of attaining salvation by Bhagwan Mahaveer, the full & final freedom ...
Jainism

Shrut Panchami Mahaparva (Jyeshtha Shukla Panchami)

The day of completion of first written text (Agama) of Jainism Named – ‘SHATKHANDAGAMA’, two thousands years ago. Authors were ...
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Shrut-Paramparaa after Bhagwan Mahaveer

Shrut — Knowledge acquired by hearing Paramparaa — A series of Aachaaryas who got the knowledge of Bhagwan Mahaveer’s precepts ...
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तनाव रहित जीवन के सूत्र

तनाव (Tension) – भय, चिन्ता, दबाव अथवा कार्य को शीघ्रता से पूर्ण करने की बाध्यता/इच्छाजनित एक विशिष्ट शारीरिक मानसिक स्थिति ...
Jain Teerth

भगवान महावीर और उनका जीवन-दर्शन

जैनधर्म के इस युग के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ ऋषभदेव के पौत्र मारीचि से लेकर अन्तिम तीर्थंकर भगवान महावीर के ...
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उत्तम क्षमा

न कोई मेरा शत्रु है न मित्र, मैं स्वयं वीतरागी ज्ञानी, ज्ञाता-दृष्टा हूँ। मेरे में उत्तम क्षमा सदा ही निवास करती है। न मैं कभी ...
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छटी शती का भारत

चन्द्रगुप्त द्वितीय के शासनकाल में चीनी यात्री फाह्यान ने भारत की यात्रा कर अपने संस्मरण में लिखा है – “भारत में सर्वत्र साधुओं का विचरण ...
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मृत्यु से पहले

एक ब्राह्मण था। अध्ययन करने के लिए काशी गया। पढ़-लिखकर वह होशियार हो गया। अपने ग्राम में आया। स्थानीय लोगों ने उस ब्राह्मण का अभिनंदन ...
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उपकारी को प्रथम नमस्कार

भैरण्ड पक्षी द्वारा स्वर्णद्वीप में जाने के लिए चारुदत्त का मामा एक बकरे को मार रहा था। बकरे को मरणासन्न देखकर चारुदत्त ने उसे णमोकार ...
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अकस्मात् कुछ नहीं

एक दिगम्बर साधु जंगल में रहते थे। एक बार एक राजा साहब उस जंगल में शिकार करने गये। एक बाघ के जोड़े में से बाघ ...
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अपूर्व दृढ़ता

बाबा लालमनदास जी सं॰ 1956 में दिल्ली के कुछ  धर्मबन्धुओं के साथ सम्मेदशिखर जी की यात्रा को गये थे। वहां मधुवन के जंगलों में वे ...
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मानव जीवन का मूल्यांकन

राजा भोज वन भ्रमण के लिये गये थे। रास्ता भूल जाने पर भूख प्यास से पीड़ित वह एक वनवासी की झोंपड़ी पर जा पहुँचे। उसने ...
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सौहार्द का रहस्य

राजा शातवाहन के राजपन्त्री के परिवार में एक सौ से भी अधिक व्यक्ति थे। वे सभी बड़े प्रेम से रहते थे। कभी भी कलह विसंवाद ...
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वस्तु विज्ञान ही सच्चा त्याग है

छात्रावस्था में विद्यालय की ओर से एक नदी के किनारे सहभोज था। वह नदी छोटी थी किन्तु रेत बहुत थी। उस रेत में चमकीले पत्थर ...
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भौतिक जीवन कामना के छिद्र

एक सज्जन ने पूछा – भगवान की पूजा करके भी मेरे संकट दूर क्यों नहीं होते? मैंने कहा – विद्यार्थी अवस्था में एक बार कुछ ...
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दूध का दूध और पानी का पानी

एक छोटे गांव में एक गूजरी रहती थी। उसके दो भैंसे थी। वह प्रतिदिन शहर में दूध बेचने के लिए जाती थी। एक दिन उसने ...
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सुख शांति के लिये

सिकन्दर जब विजय करने के लिये भारत में आकर सिन्धु नदी के किनारे डेरा डाले पड़ा था। वह अपने गुरु अरस्तू की आज्ञानुसार किसी भारतीय ...
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धर्म को न छोड़ दें

सेनापति! एक रथ में बैठाकर सीता को तीर्थ यात्रा करा दो। यात्रा कराने के बाद सिंहाटवी में अकेली छोड़कर तुम वापस आ जाना।’ राम ने ...
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संसारी की दशा

चन्द्रप्रभु तीर्थंकर अपने पूर्वभव में एक राजकुमार थे। एक दिन उन्होंने देखा कि सामने तालाब में कमल को देखकर हाथी उसे तोड़ने को उसमें घुस ...
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पेशा से वकील-जीवन से साधु

एक व्यक्ति अपनी अकेली विधवा चाची की सम्पत्ति हड़पना चाहता था। वह कई वकीलों के पास गया किन्तु संतोषजनक आश्वासन नहीं मिला। तब उसने सोचा ...
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ज्ञान का सदुपयोग

उनके परम मित्र स्मिथ ने कहा – इस समय विश्व में आपका ज्ञान सर्वोपरि माना जा रहा है। विश्व का सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक आइन्सटीन अफसोस के ...
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शरीर की परख करने वाले चमार हैं!

अष्टाव्रक का शरीर गर्दन से लेकर पांव तक आठ जगह टेढ़ा था। एक बार वे जनक जी की सभा मे पहुँचे तो सभी सभासद लोग ...
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अहिंसक सिंह

मुलतान में उदयरामजी जैन की नवाब मुज्जफरखां से अच्छी घनिष्टता थी। एक बार नवाब ने एक शेर का बच्चा पकड़ लिया और उसे घर लाकर ...
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कल दूंगा

महाराज युधिष्ठिर के पास किसी याचक ने आकर कुछ मांगा। युधिष्ठिर को वह मनुष्य अच्छा दिखलाई पड़ा, अतएव युधिष्ठिर ने कल का वादा किया तो ...
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मानव जन्म कब से ?

एक विवेकी विरागी बालक छोटीसी आयु में महाव्रत लेकर मुनि बन गया था। एक दिन वे आहार के निमित्त एक सेठ जी के यहाँ पहुँचे। ...
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